📢 भारतीय स्वतंत्रता के 75 साल – Essay on 75 years of Indian Independence in Hindi
🔥 Join eWritingCafe Telegram for latest Essay topics
🔥 An Essay on Holi Festival in English

ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (Global Warming Essay in Hindi)


👀 इस पेज पर नीचे लिखा हुआ Global Warming Essay in Hindi (ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध) आप को अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए निबंध लिखने में सहायता कर सकता है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कई विषयों पर हिंदी में निबंध मिलेंगे (👉 निबंध सूचकांक), जिन्हे आप पढ़ सकते है, तथा आप उन सब विषयों पर अपना निबंध लिख कर साझा कर सकते हैं


Global Warming Essay in Hindi
ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध


ग्लोबल वार्मिंग यानि धरती पर तापमान का बढ़ना एक ऐसी समस्या है, जिससे आज पूरी दुनिया जूझ रही है। ग्लोबल वार्मिंग का कारण भी मनुष्य ही है, जिसने ग्लोबल वार्मिंग में बढ़ोत्तरी की है। इसलिए इसका समाधान भी हम सबको मिलकर ही करना होगा। तो आइए जानते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग क्या है और इसके कारण व उपाय क्या क्या हैं।


🗣️ ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (Global Warming Essay in Hindi) पर यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।

प्रस्तावना (Introduction) –

ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसी समस्या है, जिससे न केवल मनुष्य को परेशानी हो रही है, बल्कि धरती पर रह रहे अन्य प्राणियों को भी ग्लोबल वार्मिंग का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग से न केवल हमारा देश लड़ रहा है, बल्कि विश्व के अन्य देश भी इससे छुटकारा पाने में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन फिर भी ग्लोबल वार्मिंग की समस्या घटने की बजाए निरंतर बढ़ती ही जा रही है। 

ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा ज़िम्मेदार मनुष्य ही है। मानव की ही गतिविधियों के कारण धरती पर ग्लोबल वार्मिंग की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। मानव की अजीबो गरीब गतिविधियों के कारण ही धरती पर खतरनाक व हानिकारक गैस कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, मीथेन इत्यादी ग्रीन हाउस गैसें हमारे वातावरण में बढ़ती जा रही हैं और ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन रही हैं।

ग्लोबल वार्मिंग क्या है (What is Global Warming)?

पृथ्वी के वातावरण के तापमान में किसी भी तरह की वृद्धि होने पर ग्लोबल वार्मिंग की स्थिति उत्पन्न होती है। अगर आसान भाषा में कहें तो ग्लोबल वार्मिंग ग्रीन हाउस गैसों – मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड आदि के कारण पृथ्वी के वातावरण के तापमान के बढ़ने से होती है।

यदि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में हमारा धरती पर नामों निशान तक नहीं रहेगा। पृथ्वी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

ग्लोबल वार्मिंग की परिभाषा क्या है (Definition of Global Warming in Hindi) – 

धरती के वातावरण के तापमान में निरंतर होने वाली बढ़ोत्तरी ही ग्लोबल वार्मिंग कहलाती है।  

ग्लोबल वार्मिंग एक बहुत बड़ी पर्यावरण समस्या है, जिसके प्रभाव के कारण अब तक लगभग दस लाख से भी अधिक प्रजातियां विलुप्त हो चुकी हैं। यह पूरे देश की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की समस्या है। 

ग्लोबल वार्मिंग के कारण (Cause of Global Warming) –

ग्लोबल वार्मिंग के एक नहीं अनेक कारण हैं, जिनके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं –

(1) ग्रीन हाउस का प्रभाव (Greenhouse Effect) –

ग्रीन हाउस प्रभाव ग्लोबल वार्मिंग का सबसे मुख्य कारण है। ग्रीन हाउस के प्रभाव से पृथ्वी की सतह गर्म होती है, जिसके कारण धरती पर रह रहे प्राणियों का जीवन संभव होता है। ग्रीन हाउस की गैसे (मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) जब हद से ज़्यादा बढ़ जाती हैं तो मौसम और प्राणियों दोनों के लिए हानिकारक होती हैं। यानी ग्रीन हाउस इफेक्ट ही ग्लोबल वार्मिंग की मुख्य वजह है।

(2) प्रदूषणों के कारण (Cause of Pollutions) –

ग्लोबल वार्मिंग की एक मुख्य वजह विभिन्न प्रकार के प्रदूषण भी हैं। प्रदूषण जैसे – वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, मृदा प्रदूषण इत्यादि के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और फिर वही ग्लोबल वार्मिंग की वजह बनता है। 

(3) जनसंख्या में वृद्धि होना (Increase in Population) –

ग्लोबल वार्मिंग का कारण जनसंख्या में वृद्धि का होना भी है। धरती पर मानव की संख्या अधिक होने के कारण वो अपने रहने के लिए लगातार वनों और पेड़ पौधों की कटाई कर रहा है, और यही चीज़ ग्लोबल वार्मिंग को जन्म दे रही है।

(4) वनों की अत्यधिक कटाई (Excessive Deforestation) –

वनों का हद से ज़्यादा कटना भी ग्लोबल वार्मिंग की मुख्य वजह है। क्योंकि वनों की अधाधुंध कटाई से वातावरण में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीन हाउस गैसों से वातावरण का तापमान बढ़ जाता है तथा ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा हो जाती है।

ग्लोबल वार्मिंग रोकने के उपाय (Ways to Control Global Warming) –

ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए आपको बहुत ज़्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है। यदि आप छोटी छोटी चीजों पर भी ध्यान देंगे तो ग्लोबल वार्मिंग जैसी बड़ी समस्याओं से बचेंगे। तो आईए जानते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग को कंट्रोल करने के कौन-कौन से उपाय हैं –

• ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाएं, जिससे कि अधिक से अधिक ऑक्सीजन उत्पन्न हो और कार्बन डाइऑक्साइड व मीथेन जैसी हानिकारक गैसों के प्रभाव को कम कर सके।

• प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचें और कोल्ड्रिंक व जूस जैसी चीज़ों को प्लास्टिक में लेने कि बजाए शीशे की बोतल में लें। क्योंकि प्लास्टिक का कचरा ही सबसे ज़्यादा ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनता है।

• बाइक और कार की बजाए साइकिल का इस्तेमाल करें और अगर कहीं पास में जाना हो तो आप पैदल भी जा सकते हैं। ऐसा करने से बाइक और कार से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण में कमी होगी और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को कंट्रोल किया जा सकेगा।

• कपड़े या बर्तन धोते समय आप इस बात का ध्यान रखें कि साबुन व डिटर्जेंट का कम से कम प्रयोग करें। क्योंकि यही साबुन और डिटर्जेंट नदी के पानी में मिलकर जल प्रदूषण का कारण बनते हैं और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को बढ़ाते हैं।

• जनसंख्या वृद्धि पर कंट्रोल करें। आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी कि हम दो और हमारे दो। यदि जनसंख्या कम होगी तो लोगों की आवश्यकताएं कम होंगी और जब ज़रूरतें कम होंगी तो प्रदूषण कम होगा। और इससे ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पर कंट्रोल पाया जा सकेगा।

निष्कर्ष (Conclusion) –

ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसी समस्या है, जिससे पूरे देश को नहीं, बल्कि पूरे विश्व को खतरा है। इसका समाधान हम सबको मिलकर करना होगा। यदि हमने ऐसा नहीं किया तो भविष्य में शायद ही पृथ्वी पर हमारा अस्तित्व बच सके। इसलिए अगर हम चाहते हैं कि आने वाला समय हमारे लिए बड़ा संकट न खड़ा करे तो हमें इससे बचने के लिए स्वयं प्रयास करना होगा। हमें ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने होंगे। अपनी आवश्यकताओं को कम करके प्रदूषण को कम करना होगा। तभी हम ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या पर नियंत्रण पा सकेंगे।

👉 यदि आपको यह लिखा हुआ ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध – Global Warming Essay in Hindi पसंद आया हो, तो इस निबंध को आप अपने दोस्तों के साथ साझा करके उनकी मदद कर सकते हैं


👉 आप नीचे दिये गए सामाजिक मुद्दे और सामाजिक जागरूकता पर निबंध पढ़ सकते है तथा आप अपना निबंध साझा कर सकते हैं |

सामाजिक मुद्दे और सामाजिक जागरूकता पर निबंध
नयी शिक्षा नीति पर निबंधशिक्षित बेरोजगारी पर निबंध
जीना मुश्किल करती महँगाईपुरानी पीढ़ी और नयी पीढ़ी में अंतर
मानव अधिकार पर निबंधभारत में आतंकवाद की समस्या पर निबंध
भ्रष्टाचार पर निबंधजीवन में शिक्षा का महत्व पर निबंध

विनम्र अनुरोध:

इस तरह “ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (Global Warming Essay in Hindi)” यहीं पूरा होता है। हमने अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए पूरी कोशिश की है कि इस हिंदी निबंध में किसी भी प्रकार की त्रुटि ना हो। फिर भी यदि आप को इस निबंध में कोई गलती दिखती है तो आप अपना बहुमूल्य सुझाव ईमेल के द्वारा दे सकते है। ताकि हम आपको निरन्तर बिना किसी त्रुटि के लेख प्रस्तुत कर सकें।

अपने दोस्तों को share करे:

Leave a Comment

X