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[Essay On 75th Independence Day Of India] [Azadi Ka Amrit Mahotsav Essay in English]

Ganesh Chaturthi Essay in Hindi (गणेश चतुर्थी पर निबंध हिंदी में)

👀 “गणेश चतुर्थी पर निबंध हिंदी में” पर लिखा हुआ यह निबंध (Ganesh Chaturthi Essay in Hindi) आप को अपने स्कूल या फिर कॉलेज प्रोजेक्ट के लिए निबंध लिखने में सहायता कर सकता है। आपको हमारे इस वेबसाइट पर और भी कही विषयों पर हिंदी में निबंध मिलेंगे (👉 निबंध सूचकांक), जिन्हे आप पढ़ सकते है, तथा आप उन सब विषयों पर अपना निबंध लिख कर साझा कर सकते हैं

गणेश चतुर्थी पर निबंध हिंदी में
Ganesh Chaturthi Essay in Hindi

🌈 गणेश चतुर्थी पर निबंध हिंदी में (Ganesh Chaturthi Essay in Hindi)  पर यह निबंध class 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए और अन्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लिखा गया है।

प्रस्तावना

हमारे देश में विभिन्न प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं। इनमें गणेश चतुर्थी भी एक अत्यंत प्रचलित त्यौहार है। गणेश चतुर्थी के दिन हम भगवान शिव के पुत्र श्री गणेश की मूर्ति की स्थापना व उनकी आराधना तथा पूजा करते हैं। गणेश भगवान को बुद्धि, विद्या और सभी शुभ कार्यों के सकुशल संपन्नता के लिए पूजा जाता है। इसके अलावा हम यह भी मानते हैं कि किसी भी शुभ कार्य से पहले उनका पूजन किया जाए जिससे कार्य की मंगलमय सिद्धि हो आइए अब गणेश चतुर्थी के संबंध में कुछ अन्य बातें जानते हैं-

गणेश चतुर्थी का आरंभ और मनाने का समय

गणेश चतुर्थी हमारे देश में कई सौ सालों से निरंतर मनाई जाती है। यह पर्व हिंदू तिथि के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। तथा अंग्रेजी कैलेंडर में यह तिथि अगस्त या सितंबर के महीने में आती है। 

वैसे तो हम काफी पहले से गणेश चतुर्थी को मनाते थे परंतु तब यह उतना अधिक प्रचलित नहीं था। केवल कहीं-कहीं कुछ चुनिंदा लोग गणेश चतुर्थी को उत्सव के रूप में देखते थे। इसके बाद जब 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र के लोगों से गणेश चतुर्थी को व्यापक स्तर पर मनाने का आग्रह किया तो उनके इस कदम पर गणेश चतुर्थी को विशाल स्तर पर आयोजन किया जाने लगा।

मुख्यत: इस दिन हम भगवान श्री गणेश की मूर्ति को अपने घर ऑफिस या किसी अन्य संस्थान में स्थापित करते हैं और 10 दिवसों तक उनकी पूजा-अर्चना करके 11 वें दिन उन्हें विसर्जित करते हैं। साथ ही हम गणेश चतुर्थी के अगले वर्ष फिर से आने का इंतजार करते हैं।

गणेश चतुर्थी के दिनों में मंदिरों व पूजा घरों के साथ-साथ बाजारों में भी खूब चहल-पहल व जश्न का माहौल देखने को मिलता है। इन दिनों में सभी लोग आपस में सामंजस्य के साथ प्रातः व संध्या की आरती में शामिल होते हैं। प्रसाद के रूप में ज्यादातर स्थानों पर लड्डू या मोदक अधिक उपयोग होते हैं क्योंकि कहा जाता है यह श्री गणेश के प्रिय व्यंजन हैं।

भगवान श्री गणेश की कुछ प्रचलित कहानियां

यह कहानी बहुत प्रसिद्ध है कि एक बार श्री गणेश माता पार्वती के कहने पर द्वार के बाहर पहरा दे रहे थे उस समय माता पार्वती स्नान कर रही थीं। जब भगवान शंकर गणेश को देखते हैं तो उससे द्वार से दूर हटने के लिए निर्देश देते हैं परंतु गणेश उनकी एक भी नहीं सुनते। काफी समय तक अलग-अलग उपाय करने के बाद क्रोध में आकर भगवान शंकर गणेश पर अपने त्रिशूल से प्रहार कर उनका सिर काट देते हैं। 

बाद में जब माता पार्वती यह जानती हैं तो अनुरोध पर भगवान शिव गणेश के शरीर पर एक हाथी का सिर लगा देते हैं। उस समय कई देवी-देवता एकत्रित होकर गणेश को किसी भी मंगल कार्य के आरंभ में सर्वप्रथम पूजे जाने का वर देते हैं।

एक अन्य कहानी भी, जो गणेश और चंद्रमा से संबंधित है, प्रचलित है। कहानी का सार है कि चंद्रमा गणेश के शरीर और चूहे की सवारी देखकर उनका अपमान करता है। यह देख कर भगवान गणेश को बुरा लगता है और वे चंद्रमा के अहंकार को नष्ट करने के लिए उसे कुरूपता और विकृति का अभिशाप दे देते हैं। परंतु जब चंद्रमा को अपनी भूल का एहसास होता है, तो भगवान गणेश उसे कहते हैं कि माह के एक पक्ष में अगर तुम्हारा सौंदर्य घटेगा तो वही दूसरे पक्ष में तुम्हारा सौंदर्य बढ़ता भी जाएगा।

गणेश चतुर्थी का महत्व

भारतवर्ष में विश्व भर में सबसे अधिक उत्सव आयोजित होते हैं फिर भी यहां का हर एक उत्सव अपनी सार्थकता को सिद्ध करता है। भगवान गणेश बल बुद्धि विवेक और विद्या को प्रदान करने वाली देवता हैं। वे एक ऐसे भी देव हैं जो बच्चों को सबसे अधिक प्रिय हैं। 

भगवान श्री गणेश के कई नाम हैं जिनमें विघ्नहर्ता यानी विघ्नों को हरने वाले, एकदंत यानी एक है दंत जिसका, गजानन यानी गज के समान जिसका आनन या मुख है आदि नाम हैं। इनके अलावा भी श्री गणेश के कुछ अन्य नाम निम्नलिखित हैं-

गणपति- गणों के प्रतिनिधि

लंबोदर- जिनका उदर/पेट लंबा है

सुमुख- जिनका मुख सुंदर है

गज कर्ण – गज के जैसे कान वाले

विनायक – जो न्याय करते हैं

धूमकेतू- धुंए के समान रंग की पताका वाले

भाल चंद्र – मस्तक पर चंद्रमा को शोभा देने वाले

विघ्ननाशक- समस्त विघ्नों का नाश करने वाले

निष्कर्ष

इसमें संदेह नहीं कि गणेश चतुर्थी हमारे देश के सबसे प्रमुख और धूमधाम से मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है। इस त्यौहार से कई लोगों को अलग-अलग व्यवसाय करने को भी मिलते हैं जो उनकी आर्थिक स्थिति के लिए मददगार होते हैं। गणेश चतुर्थी 11 दिनों तक मनाया जाने वाला सबसे लंबा हिंदू त्यौहार है। इस दिन हम आपस में राग द्वेष भूलकर भगवान गणेश की पूजा आराधना में संलग्न होते हैं।

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10 lines on Ganesh Chaturthi in hindi
गणेश चतुर्थी पर 10 पंक्तियां हिंदी में

गणेश चतुर्थी एक ऐसा त्यौहार है जो हमारे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन हम भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को अपने घर या ऑफिस आदि में स्थापित करके उसकी पूजा अर्चना करते हैं। इस त्यौहार को 10 दिनों तक लगातार मनाया जाता है। यह सबसे लंबे समय तक मनाए जाने वाले हिंदू त्योहारों में से एक है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के रूप में इसकी पुनर्स्थापना अथवा फिर से प्रचलन आरंभ किया। आइए अब गणेश चतुर्थी के बारे में मुख्य बातें इन 10 पंक्तियों में जानते हैं-

  1. गणेश चतुर्थी को अगस्त या सितंबर महीने में मनाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद माह की शुक्ल चतुर्थी को आता है।
  2. इस दिन हम भगवान श्री गणेश की मूर्ति को अपने घर या संस्थान में बड़े धूमधाम से लाकर स्थापित करते हैं।
  3. गणेश चतुर्थी से लगातार 10 दिनों तक भगवान श्री गणेश की नियमित प्रातः व संध्या के समय पूजा व आरती की जाती है।
  4. भगवान श्री गणेश से हम इन दिनों बुद्धि, विद्या, विवेक, और सुख समृद्धि के आशीर्वाद की कामना करते हैं।
  5. अधिकतर स्थानों पर इन दिनों प्रसाद आदि के रूप में मोदक लड्डू या अन्य मिठाइयां बांटी जाती है।
  6. गणेश चतुर्थी के दिन श्री गणेश को पुनर्जीवन प्राप्त हुआ था जिसके कारण हम इस दिन खुशियां मनाते हैं।
  7. श्री गणेश किसी भी शुभ काम को आरंभ करने से पूर्व सबसे पहले पूजे जाने वाले देव हैं जिनका आशीर्वाद मंगलकारी है।
  8. भगवान श्री गणेश अपने आराध्यों के जीवन में सुख शांति व समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
  9. 10 दिवसों तक आराधना के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन श्री गणेश की मूर्ति को किसी निकट सरोवर अथवा नदी आदि में विसर्जित किया जाता है।
  10. सरोवर अथवा नदियों को मूर्तियों के रासायनिक दुष्परिणामों से बचाने के लिए, इको फ्रेंडली मूर्तियां भी बनायी जाती है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं होतीं।

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10 lines on Ganesh Chaturthi in hindi (गणेश चतुर्थी पर 10 पंक्तियां हिंदी में) 

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