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भ्रष्टाचार पर निबंध (Bhrashtachar par Nibandh in Hindi)

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भ्रष्टाचार पर निबंध
Bhrashtachar par Nibandh in Hindi


🗣️ भ्रष्टाचार पर निबंध (Bhrashtachar par Nibandh in Hindi) पर यह निबंध बच्चो (kids) और class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है।


भ्रष्टाचार एक ऐसा दीमक है, जो दिन-प्रतिदिन हमारे देश की अर्थव्यवस्था को खाए जा रहा है। अमीर लोग और ज़्यादा अमीर हो रहे हैं और गरीब बेचारे और गरीब होते जा रहे हैं। भ्रष्टाचार ने ही सोने की चिड़िया कहलाने वाले हमारे इस भारत देश को गरीब बनाकर रख दिया है। देश में भ्रष्टाचार तो हमेशा से होता चला आ रहा है, लेकिन आज वर्तमान में यह बहुत ही अधिक बढ़ गया है। 

भ्रष्टाचार का शिकार खासतौर से वो लोग होते हैं, जिनको अपने अधिकार की जानकारी नहीं होती। इसके अलावा कुछ जगहों पर तो लोग भ्रष्टाचार के आदि होते हैं, बिना इसके उनका काम ही नहीं चलता।

प्रस्तावना (Introduction) –

भ्रष्टाचार आज हमारे पूरे देश में फैला हुआ है। यह हमारे देश की एक गंभीर समस्या है। यदि इसका समाधान जल्द से जल्द नहीं किया गया तो वो दिन दूर नहीं, जब हमारा देश पूरी तरह से गरीब हो जाएगा। भ्रष्टाचार की वजह से ही आज देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो रात में भूखे सो जाते हैं। उनके बदन पर कपड़े नहीं होते। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईं गरीबों के लिए कई सेवाएं भी भ्रष्टाचार की वजह से उन तक नहीं पहुंच पाती। 

भ्रष्टाचार का अर्थ (Meaning of Corruption in Hindi) –

यदि भ्रष्टाचार के अर्थ की बात करें तो भ्रष्टाचार दो शब्दों से मिलकर बना है भ्रष्ट+आचार। भ्रष्ट का मतलब बुरा या बिगड़ा हुआ होता है, जबकि आचार का मतलब आचरण होता है। यानि इसका शाब्दिक अर्थ होता है, ऐसा आचरण जो अनैतिक या अनुचित हो ‘भ्रष्टाचार’ कहलाता है। 

भ्रष्टाचार क्या होता है (What is Corruption in Hindi)?

रिश्वत लेना या घूस देकर काम कराना, घोटाला करना, आम जानता का हक मारना, काला बाजारी करना, पैसे या शराब देकर इलेक्शन में वोट मांगना, बड़े पद पर होने का फायदा उठाकर अपने रिश्तेदारों को बिना योग्यता के नौकरी पर रखना, इम्तेहान में पैसे लेकर पास करना, घूस लेकर नौकरी देना आदि सभी चीज़ें भ्रष्टाचार कहलाती हैं। इसके अतिरिक्त जो व्यक्ति मान्य नियमों का पालन न करके अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए गलत आचरण करना शुरू कर देता है तो वह भ्रष्टाचारी कहलाता है।

भ्रष्टाचार के कारण (Causes of Corruption in India in Hindi) –

हमारे देश में भ्रष्टाचार के कई सारे कारण हैं, जो निम्नलिखित हैं –

(1) भ्रष्टाचार का सबसे पहला और मुख्य कारण लालच है। पैसों की लालच इंसान को अंधा बना देती है। और फिर पैसों के प्यार में उसे सही गलत कुछ दिखाई नहीं देता।

(2) भ्रष्टाचार का एक कारण अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए, रिश्वत लेना भी है। व्यक्ति दूसरों को देखकर खुद की इच्छाओं को पूरा करने के लिए गलत तरीके से पैसा कमाता है, जो कि भ्रष्टाचार कहलाता है। उसके अंदर यह ईर्ष्या पैदा हो जाती है कि अगर मेरे पड़ोसी ने गाड़ी खरीदी है तो फिर मैं क्यों न खरीदूं। इसके लिए वह गलत तरीके से पैसे कमाना शुरू कर देता है।

(3) इसके अलावा लोग सामाजिक सम्मान पाने के लिए भी भ्रष्टाचार का सहारा लेते हैं। वो लोग गलत तरीके से पैसे कमाकर या कोई भी ऊंची पोस्ट पाकर समाज में इज्जत के नज़रिए से देखे जाते हैं। लोगों को पता होता है कि यह व्यक्ति भ्रष्टाचारी है, फिर भी लोग उससे नीचा दिखाने की बजाए उसे इज़्ज़त देते हैं। इसलिए देश में भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ रहा है।

(4) ईमानदार पागल, मूर्ख, बेवकूफ और गांधी का भक्त आदि कहकर उसका मज़ाक उड़ाते हैं, जिस कारण भ्रष्टाचार या बुराई में बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे में लोग न चाहते हुए भी गलत काम और गलत तरीके को अपनाते है और पैसे कमाते हैं।

(5) भ्रष्टाचार का एक कारण गरीबी और मजबूरी भी है। बहुत अधिक गरीबी में जीते जीते जब व्यक्ति तंग आ जाता है और अपनी प्राथमिक आवश्यकताओं तक को पूरा करने में असमर्थ रहता है, तब वह मजबूरी में पैसे कमाने का गलत तरीका अपनाकर भ्रष्टाचारी बन जाता है। 

(6) भ्रष्टाचार का कारण हमारे देश का लचीला कानून भी है। पैसों के दम पर अपराधी इज्जत के साथ बरी हो जाता है और उसे किसी भी तरह के दंड का डर नहीं रहता।

(7) बिना मेहनत करे धन प्राप्त करने की लालसा। इसके अलावा दिल में देश भक्ति का न होना।

भ्रष्टाचार के प्रभाव (Effects of Corruption In Hindi) –

भ्रष्टाचार का हमारे देश पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। भ्रष्टाचार से हमारे देश की स्थिति बहुत खराब हो गई है। भ्रष्टाचार से देश पर पड़ने वाले दुष्ट-प्रभाव निम्नलिखित हैं –

• भ्रष्टाचार के कारण हमारा देश अन्य देशाें से पिछड़ता जा रहा है। अमीर बेईमानी और घोटाला कर करके बहुत अमीर हुआ जा रहा और गरीब दिन-ब-दिन गरीब होता जा रहा।

• भ्रष्टाचार की वजह से हमारे भारत देश का आर्थिक विकास रुक गया है और देश आगे बढ़ने की बजाए पिछड़ता जा रहा है।

• भ्रष्टाचार के कारण ही आज भी कुछ गांव तक बिजली, पानी और पक्की सड़क जैसी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को अपनी फसलों के सही दाम नहीं मिल पाते, जिस कारण वो आत्महत्या तक करने पर मजबूर हो जाते हैं।

• भ्रष्टाचार के कारण ही गरीबों तक सरकार द्वारा बनाई हुई योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता।

• भ्रष्टाचार की लोगों में इतनी आदत बन गई है कि सरकारी और गैर सरकारी हर जगह लोगों को अपना काम करवाने के लिए नेताओं व अफसरों को घूस देनी पड़ती है। इसके अलावा भ्रष्टाचार से कालाबाजारी में भी बढ़ोत्तरी होती है।

भ्रष्टाचार रोकने के उपाय (Measures to Prevent Corruption in India in Hindi) –

(1) किसी भी क्षेत्र में कार्य से पहले शपथ दिलानी चाहिए कि वह व्यक्ति भ्रष्टाचार जैसी चीज़ों से दूर रहेगा। ऐसा करने से उसको अपनी शपत याद रहेगी।

(2) प्रशासनिक कार्यों में आम जानता को भी शामिल करना चाहिए।

(3) भ्रष्टाचार का विरोध करके भी इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।

(4) सरकारी कार्यालय में कर्मचारी की संख्या ज़रूरत के अनुसार होनी चाहिए। वहीं उनका सही समय पर सही वेतन बढ़ाया जाना चाहिए।

(5) भ्रष्टाचारी चाहे कोई भी व्यक्ति हो कानून को उसी कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए, ताकि अन्य लोग भ्रष्टाचार करने से डरें।

(6) शिक्षा का अधिक से अधिक प्रसार होना चाहिए। क्योंकि शिक्षा की कमी के कारण ही लोग भ्रष्टाचार जैसी बुरी चीज़ों को अपनाते हैं।

(7) नियम के ढीलेपन की वजह से भ्रष्टाचार नेता भी चुनाव लड़ते हैं। हमारे भारत के इलेक्शन कमीशन को इसपर रोक लगानी चाहिए।

(8) हम सबको अपने अधिकार के बारे में जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि आधे से ज़्यादा भ्रष्टाचार तो हमें अपने अधिकार न पता होने के कारण होते हैं।

(9) भ्रष्टाचार को कम करने के लिए हमें गांव और शहर दोनों जगह के लोगों को जागरूक करना होगा।

(10) भ्रष्टाचार की हर छोटी बड़ी खबर को हमें भ्रष्टाचार निरोधक विभाग को देनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार को रोकने में मदद हो सके।

निष्कर्ष (Conclusion) –

भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है, जो एक बार लगती है तो उस एक व्यक्ति के साथ ही पूरे देश को बीमार करके छोड़ती है। इसलिए सरकार को और हम सबको मिलकर इससे छुटकारा पाने के प्रयास करने चाहिए। एक अच्छे नागरिक का कर्तव्य है कि वह भ्रष्टाचार से खुद को और देश को बचाए, तभी हमारा देश अन्य देशों से कदम से कदम मिलाकर चल सकेगा।

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विनम्र अनुरोध:

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